Best Poem on India in Hindi | पावन भारत देश

Here are some best Poem on India in Hindi Short and long hindi poems. Bharat desh kavita in Hindi for class and school for kids. भारत देश पर कविता 

Poem on India in Hindi
Poem on India in Hindi

पावन भारत देश 

वसुन्धरा की  गोद में,पावन भारत देश
जहाँ रमापति के सहित,रमते उमा -महेश 

रमते उमा -महेश ,स्वर्ग से नदियां आती 
पीकर अमृत वरि ,विपुल फसले लहरातीं 

कह भगवत कविराय ,ख्याति है परंपरा की 
करे तपस्वी भूप ,अर्चना वसुन्धरा की 

आजादी 

आजादी का तब मिला ,यह अमूल्य उपहार 
वीरों ने जब धर दिये ,अपने शीश उतार 

अपने शीश उतार ,वतन पर दी कुर्बानी 
आजादी के लिए ,मरे लाखों  बलिदानी 

कह भगवत कविराय ,जिगर जिनके फौलादी 
उन वीरों ने हमें ,दिलाई थी आजादी 

राष्ट्रहित दी कुर्बानी 

किये निछावर राष्ट्र पर ,घर -परिवार समस्त 
राष्टभक्ति का था नशा ,वे थे वतन परस्त 

वे थे वतन परस्त,राष्ट्रहित ही कुर्बानी 
बलिवेदी पर हवन ,हुई उद्दाम जवानी 

कह भगवत कविराय ,वीर निर्भय कद्दावर 
हँसते -हँसते प्राण ,वतन पर किये निछावर 

राष्टभक्ति की आग 
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जिनके सीने में रही ,राष्टभक्ति की आग 
सत्ता पाकर भी रहे ,वे चरित्र बेदाग 

वे चरित्र बेदाग ,की जैसे बल्ल्भभाई 
लाल बहादुर और अटल ,जैसी द्रढ़ताई 

कह भगवत कविराय ,कर्ज हम पर है उन के 
भारत करता गर्व ,आज बुते पर  जिनके 

भूले हम कुर्बानियां 

भले हम कुर्बानिया, आजादी के बाद 
आज शहीदों को नहीं ,मन से करते याद 

मन से करते याद,दिलाई थी आजादी 
बलिपथ  पर जो गये ,इरादे थे फौलादी

कह भगवत कविराय ,वीर फाँसी पर झूले 
जिनने किया स्वतंत्र ,आज क्यों उनको भूले  

न उनके गौरव गाये 

कुर्वानी का कोर्स में,नहीं रखा है पाठ 
राष्ट्रभक्ति से बालमन ,भरता अतः उचाट 

भरता अतः उचाट,नहीं वे पाठ -पढ़ाये 
जो थे वीर सपूत ,न उनके गौरव गाये 

कह भगवत कविराय ,विमुख यदि हुई जवानी 
मातृभमि पर भला,कौन देगा कुर्बानी 

धरती  

धरती माता की तरह ,हम इनकी संतान 
हमे बढ़ाना चाहिए,मातृभूमि का मान 

मातृभूमि का मान ,पूज्य है धरा हमारी 
दे जलवायु ,अनाज ,पुत्रवत पालनहारी 

कह भगवत कविराय,हमारा पालन करती 
प्राणो से भी अधिक ,हमे प्रिय माता धरती  


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