Emotional Love poem for Wife in Hindi | तुम्हारी याद पत्नी पर कविता

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Emotional poem for Wife in hindi
Emotional poem for Wife in Hindi

प्रिये तुम्हारी याद 

तड़पाती मधुमास में , प्रिये तुम्हारी याद 
लगें गूँजने कान में , सब मधुरिम संवाद 

सब मधुरिम संवाद , प्रकृति पर बिखरी रोली 
सेमल टेसू खड़े , सजा फूलों की डाली 

कह भगवत कविराय , तुम्हारी छटा दिखती 
पीली चूनर ओढ़ , सरस सरसों तड़पती  
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बिना तुम्हारे 

बिना तुम्हारे है प्रिये , फीका है मधुमास 
चुभें तीर जैसे हमें , श्रृंगारी परिहास 

श्रृंगारी परिहास , वियोगी पीर बढ़ाते 
रहे तुम्हारा नाम , साँस में आते जाते 

कह भगवत कविराय , न भाते चाँद-सितारे 
मधुमासी उल्लास , सिसकता बिना तुम्हारे 
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याद सताती 

आ जाती है याद जब, वह सुहाग की रात 
थर थर लगते काँपने , संयम के जलजात 

 संयम के जलजात ,  याद आतीं सब बातें 
जाग-जागकर गई , बिताईं थीं जो रातें 

कह भगवत कविराय , मिलन की याद सताती 
करती है बेचैन , याद अक्सर आ जाती 
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याद आतीं सब बातें 

बिना तुम्हारे था प्रिये , सारा जग प्रतिकूल 
साथ तुम्हारा जब मिला , हुए शूल भी फूल 

 हुए शूल भी फूल , नहीं फिर कोई बाधा 
हुआ समय अनुकूल , मनोरथ विधि ने साधा 

कह भगवत कविराय, विफल थे उपक्रम सारे 
हर मौसम प्रतिकूल रहे, प्रिय बिना तुम्हारे 
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आँसू की टकसाल 

बिना तुम्हारे हे प्रिये ,है मेरा यह हाल 
नयन बियोगी हो गये ,आँसू कि टकसाल 

आँसू की टकसाल ,टपकते आँसू  ढलकर 
इनसे मन की पीर ,निकलती रोज पिघलकर 

कह भगवत कविराज ,यही धन पास हमारे 
झर झर करते अश्रु ,याद में बिना तुम्हारे 
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आँसू का इतिहास 

कितना है प्राचीन यह,आँसू का इतिहास 
कबसे सुनते आ रहे ,हम चातक की प्यास 

हम चातक की प्यास ,कभी सीता थी रोयी 
प्रिय के बिना उदास ,जगती रही न सोयी 

कह भगवत कविराज ,इन्हे रोकोगे जितना 
आँसू रुकते नहीं ,जतन कर  लो तुम कितना 
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गम के आँसू 

गम के आँसू आँखो में, स्वयं छिपाना सीख 
यहॉँ सान्त्वना की सदा ,दी जाती है भीख 

दी जाती है भीख ,मिले जो उपहासों में 
कर लो ह्रदय कठोर ,जियो इन सन्नासो में 

कह भगवत कविराज ,अश्रु मोती से दमके 
रक्खो इन्हे सम्हाल ,आँखों में आँसू गम के 
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अश्रु की होती वाणी 

झरते मिलन -विछोह में,अथवा हो अपमान 
बिन बोले आँसू करें,पीड़ा ,ख़ुशी बखान 

पीड़ा ,ख़ुशी बखान ,अश्रु की होती वाणी 
आँसू की आवाज सुना करते है ज्ञानी 

कह भगवत कविराय ,विवश ये हमको करते 
खुशियों में भी ,अश्रु आँख से झर -झर झरते 
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